ईमेल हैक होने पर क्या करें?

January 10, 2026 7 min Read

आपकी ईमेल आपकी डिजिटल पहचान हैं। यह हर व्यक्ति या कंपनी रखती हैं जिससे कम्युनिकेशन करना और भी आसान हो जाता हैं। लेकिन आए दिन इसके हैक होने की खबर आती रहती हैं।  याद रखे कि ईमेल में आपके महत्वपूर्ण दस्तावेज़ शामिल हैं जिससे हैकर्स को यह मौका मिलता हैं कि आपका गोपनीय डेटा चुराए और उसका गलत इस्तमाल करें। 

फिर आप चाहे Gmail का इस्तमाल कर रहे हो या फिर कोई और ईमेल सॉफ्टवेयर का, ईमेल हैकिंग होना एक आम बात होगी अगर आप उसे सही से सुरक्षित न रखे। और अगर आप भी ईमेल हैकिंग के शिकार हो चुके हैं तो यह ब्लॉग आप के लिए। इसे पढ़े और समझे कि ऐसे मौके पर क्या करना हैं।

विषयसूची

तत्काल कार्रवाई के चरण

आप घबराहट में कोई भी गलत फैसला ले सकते हैं, इसलिए पहले अपने अकाउंट का पासवर्ड बदले। एक मजबूत पासवर्ड बनाएं, इसके लिए आप ऑनलाइन टूल्स का भी प्रयोग कर सकते हैं। और अगर आप उसे भूल जाए तो हमारा Email पासवर्ड भूल जाए तो क्या करें ब्लॉग ज़रूर पढ़े।   कम से कम १२-१५ अक्षरों का पासवर्ड बनाएं, जिसमें बड़े अक्षर, छोटे अक्षर, नंबर और स्पेशल करैक्टर (@, #, $ आदि) शामिल हों। पुराने पासवर्ड का दुबारा उपयोग न करें और एक नया पासवर्ड तुरंत बनाएं।

– टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन एक्टिवेट करें या अपडेट करें

पासवर्ड बदलने के बाद तुरंत टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू करें। यह सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ता है। इसे सेट करने के लिए: ईमेल सेटिंग में ‘सिक्योरिटी’ सेक्शन पर जाएं। 2FA या ‘टू-स्टेप वेरिफिकेशन’ ऑप्शन चुनें। आप अपने मोबाइल फोन में Google Authenticator, Microsoft Authenticator ऍप भी इंस्टॉल कर सकते हैं जिसमे वेरिफिकेशन कोड आता हैं। अगर पहले से चालू है, तो सुनिश्चित करें कि रिकवरी फोन नंबर और ईमेल आपके अपने हैं, और हैकर ने उन्हें बदला नहीं है। 

– थर्ड पार्टी जुड़े हुए  खातों की जांच करें 

आपकी ईमेल आईडी अक्सर अन्य महत्वपूर्ण खातों जैसे Facebook, Instagram, बैंकिंग, Amazon, या और भी प्लेटफॉर्म्स से जुड़ी होती है।सभी खातों की एक  प्राथमिकता सूची बनाएं जैसे कि ऑनलाइन बैंकिंग, पेमेंट ऍप्स आप इन सभी चीजों से शुरुआत करें। उन सभी का पासवर्ड बदलें जो हैक हुई ईमेल आईडी से रिकवरी के लिए सेट हैं। उन खातों से लिंक हटाएं जो अब जरूरी नहीं हैं। यही माध्यम का इस्तमाल कर के आप अपना ईमेल रिकवरी भी कर सकते हैं। अगर आपको इसके बारे में अधिक जानकारी चाहिए तो हमारा ईमेल रिकवरी क्या होता हैं ब्लॉग ज़रूर पढ़े।

– अकाउंट से लॉग आउट करें

हो सकता हैं कि आपका Gmail या Yahoomail जैसे प्लेटफॉर्म्स पर अभी तक लॉग इन हो लेकिन यही मुख्य कारण भी बनता हैं हैकिंग का। 

  • Gmail में: Settings> Security > ‘Your Devices’ पर जाएं। ‘सभी डिवाइस से साइन आउट करें’ पर क्लिक करें।
  • Yahoo में: Account security page पर जाकर ‘Sign out from all devices’ ऑप्शन चुनें।
  • Outlook/Hotmail में: Security Settings में जाकर ‘Sign out from my account’ ऑप्शन देखें।

– ईमेल प्रोवाइडर को सूचित करें और अकाउंट रिकवरी का प्रयास करें

अगर हैकर ने आपका पासवर्ड बदल दिया है और आप लॉग इन नहीं कर पा रहे, तो तुरंत ईमेल सर्विस प्रोवाइडर (Gmail, Yahoo, Outlook, आदि) की अकाउंट रिकवरी प्रक्रिया का उपयोग करें।

  • ‘Forgot Your Password?’ लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना बैकअप ईमेल या फोन नंबर दर्ज करके वेरिफिकेशन कोड प्राप्त करें।
  • अगर हैकर ने बैकअप डिटेल्स भी बदल दी हैं, तो ‘More Help या ‘Account Recovery Form’ भरें। इस फॉर्म में आपसे पुराने पासवर्ड, अकाउंट बनाने की तारीख, अकाउंट से जुड़े अन्य ईमेल पते आदि के बारे में पूछा जा सकता है। यथासंभव सटीक जवाब दें।

अपने कॉन्टैक्ट्स को इन्फॉर्म करें

  • अपने ईमेल कॉन्टैक्ट्स, Facebook मित्रों और करीबी लोगों को सूचित करें कि आपका ईमेल हैक हुआ है।
  • उन्हें आपकी ओर से आए किसी भी अजीब या संदिग्ध मेल को न खोलने और न ही उसका जवाब देने की चेतावनी दें।
  • उन्हें किसी भी लिंक पर क्लिक न करने या अटैचमेंट न डाउनलोड करने के लिए कहें।
  • इससे फिशिंग या स्कैम के फैलने की संभावना कम होगी।
  • पहचान की चोरी पर नजर रखें
  • अगर हैकर को आपके व्यक्तिगत दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड की कॉपी) मिल गए हैं, तो:
  • संबंधित अधिकारियों (जैसे UIDAI, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट) को सूचित करें।
  • अपनी क्रेडिट रिपोर्ट पर नजर रखें।

हैकिंग के बाद इन बातों को इग्नोर न करें

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१. डिजिटल ट्रॉमा की अनदेखी न करें

हैकिंग सिर्फ आपको तकनिकी रूप से चोट नहीं पहुंचाता बल्कि आपको सचेत करता हैं कि आप अपने डिजिटल सुरक्षा का ध्यान दें। प्राइवेसी का उल्लंघन होना, असहाय महसूस करना, और भविष्य को लेकर डर पैदा होना स्वाभाविक है। इन भावनाओं को नजरअंदाज करने के बजाय, स्वीकार करें कि यह एक कठिन अनुभव था। अपने आप पर क्रोध या अपराधबोध न लादें। थोड़ा समय निकालकर डिजिटल डिटॉक्स करें और तनाव कम करने के लिए वो काम करें जो आपको पसंद है। याद रखें, आप शिकार नहीं, बल्कि एक सजग यूजर बनकर उभरे हैं जिसने इस चुनौती का सामना किया।

२. अपनी खुद की ‘डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट’ बनाएं

आप जैसे अपनी परसनल डायरी मेंटेन करते हैं वैसे ही यह सभी हैकिंग अटेम्प्ट्स का एक खाता बनाये जिसमे आप तारीख और हैकिंग घटना का डिटेल शामिल रहे। इसमें यह शामिल होगा कि कितना समय आपको लगा अपनी हैकिंग का पता लगाने में और आपने कौनसे तत्काल कदम उठाये। आप अगर कोई वेबसाइट होस्ट किये और उसका ईमेल अकाउंट में दिक्कत आयी तो अपने वेब होस्टिंग प्रोवाइडर से संपर्क कर सकते हैं। भविष्य में यह रिपोर्ट न सिर्फ आपके लिए एक उपयोगी संदर्भ होगी, बल्कि अगर कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता पड़ी तो यह एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित हो सकती है।

३. एक ‘डिजिटल गुडविल एंबेसडर’ बनें

अपने इस एक्सपीरियंस को दूसरों की मदद के लिए उपयोग में लाएं। अपने परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के एक छोटे समूह को एक आसान सत्र में बुलाएं और उन्हें अपनी कहानी सुनाएं। उन्हें बुनियादी साइबर सुरक्षा उपाय (जैसे 2FA, मजबूत पासवर्ड) सिखाएं और उनके सवालों के जवाब दें। इससे न सिर्फ उनकी सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि आप एक सकारात्मक और सशक्त भूमिका में आ जाएंगे। हैकिंग की घटना को एक ऐसी चाभी बना लें जिसने आपके आसपास के लोगों के लिए साइबर जागरूकता का द्वार खोल दिया।

निष्कर्ष

ईमेल हैक होना एक कठिन अनुभव है, लेकिन यह एक सबक भी है। डिजिटल दुनिया में सुरक्षा एक सतत प्रक्रिया है, न कि एक बार की सेटिंग। इस घटना को एक अवसर के रूप में लें कि आप अपनी सभी ऑनलाइन सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करें और उन्हें मजबूत करें। उपरोक्त बताए गए चरणों का पालन करके आप न केवल अपना अकाउंट वापस पा सकते हैं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावना को भी काफी कम कर सकते हैं। याद रखें, आपकी डिजिटल सुरक्षा की जिम्मेदारी सबसे बड़ी हिस्सेदारी आपकी ही है। सजग रहें, सुरक्षित रहें।

FAQs

१. क्या बैकअप कोड्स से ईमेल रिकवर हो सकता है?

हाँ, बैकअप कोड्स ईमेल रिकवरी के लिए सबसे शक्तिशाली टूल होते हैं, खासकर तब जब आपके पास अपना फोन या सिम कार्ड न हो। ये कोड तब काम आते हैं जब टू-स्टेप वेरिफिकेशन (2FA) के अन्य तरीके विफल हो जाते हैं। रिकवरी प्रोसेस के दौरान जब आपसे वेरिफिकेशन मांगा जाए, तो आप ‘Try another way’ चुनकर इन कोड्स का उपयोग कर सकते हैं।

२. क्या पासवर्ड बदलने के बाद भी हैकर एक्सेस रख सकता है?

हाँ, पासवर्ड बदलने के बाद भी हैकर आपके अकाउंट में तब तक बना रह सकता है जब तक आप उसे सभी डिवाइस से ‘Sign Out’ न कर दें। कई बार हैकर ‘Session Cookies’ या ‘Third-party Apps’ के जरिए एक्सेस बनाए रखते हैं। इसलिए पासवर्ड बदलने के साथ-साथ सभी सक्रिय सेशन्स को खत्म करना और संदिग्ध ऐप्स के एक्सेस को हटाना बहुत जरूरी है।

३. ईमेल हैक होने और पासवर्ड बदलने पर क्या करें?

सबसे पहले आधिकारिक ‘Account Recovery’ पेज पर जाएं और ‘Forgot Password’ या ‘Try another way’ का विकल्प चुनें। यहाँ अपनी पुरानी जानकारी, रिकवरी ईमेल या बैकअप कोड्स का उपयोग करके अपनी पहचान साबित करने की कोशिश करें। एक बार एक्सेस मिलने पर तुरंत टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू करें और रिकवरी फोन नंबर अपडेट करें ताकि हैकर दोबारा अंदर न आ सके।

The Author

मै एक अनुभवी कंटेंट राइटर हूँ जो पिछले कुछ वर्षों से MilesWeb के साथ काम कर रहा हूँ। मै विभिन्न प्रकार की कंटेंट लिखने में माहिर हूँ, जिसमें ब्लॉग पोस्ट, वेबसाइट कॉपी, और सोशल मीडिया भी शामिल है।