शेयर्ड होस्टिंग नौसिखियों के लिए सबसे सही और आसान तरीका हैं वेबसाइट बनाने के लिए और उसको लाइव ले जाने के लिए। इस होस्टिंग के जरिये आप उन वेबसाइटों को लाइव कर सकते हैं जिस पर कम ट्रैफिक और ज्यादा गतिविधि होती हैं। इस वेब होस्टिंग प्रकार में आपके सर्वर संसाधन को साझा किया जाता हैं।
साझा करने की वजह से वेबसाइट की परफॉर्मेंस पर असर पड़ता हैं। लेकिन अधिक स्टोरेज वाले शेयर्ड होस्टिंग प्लान्स अच्छे ऑनलाइन परफॉर्मेंस के लिए तैयार किये गए हैं। कुछ ऐसे ही फायदे और नुकसान शेयर्ड होस्टिंग के साथ हम यह लेख लेकर आये हैं। आइये देखते हैं कि कैसे यह वेब होस्टिंग आपके लिए अच्छा या खराब हैं।
विषयसूची
शेयर्ड होस्टिंग क्या होती हैं?
शेयर्ड होस्टिंग एक ऐसी वेब होस्टिंग सेवा हैं जिसमे सर्वर संसाधन साझा कई उपयोगकर्ताओं के बिच होती हैं। संसाधन जैसे कि सीपीयू, रैम, और एसएसडी एनवीएमई स्टोरेज साझा होती हैं जिसमें कई वेबसाइटों और ऍप्लिकेशनों को होस्ट किया जाता हैं।
माइल्सवेब के शेयर्ड होस्टिंग उपयोगकर्ता-अनुकूल कंट्रोल पैनल, जैसे कि सिपैनेल, देते हैं, जिससे वेबसाइट मैनेज करना आसान हो जाता है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें तकनीकी ज्ञान कम है। वेबसाइट सेटअप करने से लेकर सुरक्षा और अपडेट्स का ध्यान रखने तक, सबकुछ सरल रहता है। साथ ही, ज्यादातर शेयर्ड होस्टिंग प्लान्स में कुछ बेसिक फीचर्स मिलते हैं जैसे सुरक्षा उपकरण, बैकअप विकल्प, और समर्थन सेवाएं, जो व्यक्तिगत ब्लॉग, पोर्टफोलियो साइट्स, और छोटे व्यवसायों के लिए पर्याप्त होते हैं।
शेयर्ड होस्टिंग के ३ फायदे

– लागत प्रभावशीलता
शेयर्ड होस्टिंग सबसे बजट-फ्रेंडली वेब होस्टिंग विकल्पों में से एक है, जो व्यक्तियों और छोटे व्यवसायों के लिए आदर्श बनाती है। एक ही सर्वर पर कई वेबसाइटों के साथ संसाधन साझा करने से लागत में काफी कमी आती है, जिससे वेबसाइट मालिक किफायती होस्टिंग प्लान का लाभ उठा सकते हैं। यह स्टार्टअप्स या ब्लॉगर्स के लिए बहुत फायदेमंद है, जिनके पास होस्टिंग में निवेश करने के लिए बड़ी राशि नहीं होती है।
यह सस्ती होस्टिंग न केवल प्रारंभिक सेटअप में बल्कि नियमित रखरखाव में भी बजट पर नियंत्रण रखती है। शुरुआत करने वालों के लिए, विशेष रूप से, शेयर्ड होस्टिंग एक ऑनलाइन उपस्थिति स्थापित करने का तरीका प्रदान करती है, जिसमें ज्यादा खर्च नहीं होता। चूंकि कई उपयोगकर्ता एक ही सर्वर साझा करते हैं, होस्टिंग प्रदाता आकर्षक मूल्य योजनाएँ पेश कर सकते हैं जो ऑनलाइन विकास को सुलभ बनाती हैं।
लागत-प्रभावी शेयर्ड होस्टिंग समाधान में वेबसाइट लॉन्च करने के लिए आवश्यक सुविधाएं शामिल होती हैं। कई होस्टिंग प्रदाता १-क्लिक इंस्टॉलेशन, वेबसाइट बिल्डर और बेसिक कस्टमर सपोर्ट जैसी मूल्यवान सुविधाएं प्रदान करते हैं, जिससे उपयोगकर्ता अपनी साइटों को अधिक कुशलता से प्रबंधित कर सकते हैं, भले ही उन्हें तकनीकी ज्ञान कम हो।
साथ ही, जैसे-जैसे व्यवसाय या व्यक्ति विस्तार करते हैं और अधिक ट्रैफिक प्राप्त करते हैं, वे शेयर्ड होस्टिंग से अधिक अच्छे विकल्पों में अपग्रेड कर सकते हैं। यह स्केलेबिलिटी उपयोगकर्ताओं को कम लागत वाले प्लान से शुरू करने और अपनी आवश्यकताओं के अनुसार प्लान को अच्छा बनाने की अनुमति देती है।
– उपयोग में आसानी और सेटअप
शेयर्ड होस्टिंग का डिज़ाइन ऐसा होता है कि इसे न्यूनतम तकनीकी विशेषज्ञता वाले उपयोगकर्ता भी आसानी से समझ सकते हैं। अधिकतर शेयर्ड होस्टिंग प्लान एक कंट्रोल पैनल (जैसे सिपैनेल) के साथ आते हैं, जो वेबसाइट प्रबंधन को सरल बनाता है। इन पैनल्स के माध्यम से उपयोगकर्ता ईमेल का प्रबंधन कर सकते हैं, ऍप्लिकेशन इंस्टॉल कर सकते हैं और वेबसाइट के आँकड़े मॉनिटर कर सकते हैं, जिससे यह शुरुआत करने वालों के लिए आदर्श बनता है।
सेटअप प्रक्रिया भी सुव्यवस्थित होती है, जिससे उपयोगकर्ता अपनी वेबसाइट को जल्दी से ऑनलाइन कर सकते हैं। होस्टिंग प्रदाता प्री-कॉन्फ़िगर्ड सर्वर वातावरण प्रदान करते हैं, इसलिए उपयोगकर्ताओं को सर्वर कॉन्फ़िगरेशन या सुरक्षा सेटअप की चिंता करने की आवश्यकता नहीं होती है। कम या कोई वेब होस्टिंग अनुभव वाले लोगों के लिए, शेयर्ड होस्टिंग एक आसान प्रवेश बिंदु प्रदान करती है।
कई शेयर्ड होस्टिंग प्रदाता कुछ स्वचालित टूल्स और स्क्रिप्ट्स भी प्रदान करते हैं जो प्रक्रिया को और सरल बनाते हैं। वर्डप्रेस, जूमला और अन्य कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम के लिए एक-क्लिक इंस्टॉलेशन की सुविधा होती है, जिससे उपयोगकर्ता बिना कोडिंग ज्ञान के अपनी वेबसाइट बना सकते हैं और प्रबंधित कर सकते हैं।
उपयोग में आसानी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कस्टमर सपोर्ट भी शामिल है। चूंकि शेयर्ड होस्टिंग एक व्यापक दर्शकों को लक्षित करती है, होस्टिंग प्रदाता आमतौर पर लाइव चैट, ईमेल सपोर्ट और व्यापक ज्ञान के संसाधनों सहित समर्थन विकल्पों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करते हैं। इसका मतलब है कि उपयोगकर्ता जब भी चाहें सहायता प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उनके हर कदम पर मार्गदर्शन मिलता है।
– रखरखाव-मुक्त होस्टिंग
शेयर्ड होस्टिंग का एक प्रमुख लाभ यह है कि इसमें उपयोगकर्ता से न्यूनतम रखरखाव की आवश्यकता होती है। चूंकि होस्टिंग प्रदाता सर्वर रखरखाव, सॉफ़्टवेयर अपडेट और सुरक्षा पैच का प्रबंधन करता है, उपयोगकर्ता वेबसाइट सामग्री बनाने और वेबसाइट का प्रचार करने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। यह ‘हैंड्स-ऑफ’ दृष्टिकोण उन उपयोगकर्ताओं के लिए आकर्षक है जो होस्टिंग के तकनीकी पहलुओं से बचना चाहते हैं।
सर्वर प्रशासन के कार्य जैसे अपडेट इंस्टॉल करना या सर्वर समस्याओं को ठीक करना प्रदाता की तकनीकी टीम द्वारा संभाला जाता है। उपयोगकर्ताओं को सर्वर ऑप्टिमाइज़ेशन या हार्डवेयर अपग्रेड जैसी चीज़ों की चिंता करने की ज़रूरत नहीं होती, क्योंकि यह सब प्रदाता द्वारा प्रबंधित किया जाता है, जिससे उपयोगकर्ताओं को अपने मुख्य व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित करने में आसानी होती है।
शेयर्ड होस्टिंग में प्रदाता अक्सर अपनी होस्टिंग योजनाओं के हिस्से के रूप में सुरक्षा सुविधाएं भी शामिल करते हैं। इसका मतलब है कि उपयोगकर्ताओं को उच्च स्तरीय कॉन्फ़िगरेशन की आवश्यकता के बिना एक बुनियादी स्तर की सुरक्षा मिलती है। होस्टिंग प्रदाता आमतौर पर फ़ायरवॉल, DDoS सुरक्षा और सॉफ़्टवेयर अपडेट को संभालते हैं, जिससे सर्वर वातावरण सभी उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित रहता है।
इसके अतिरिक्त, शेयर्ड होस्टिंग सेवाओं में अक्सर बैकअप विकल्प भी होते हैं। हालांकि डेडिकेटेड होस्टिंग की तुलना में बैकअप कम बार लिए जाते हैं, लेकिन प्रदाता दैनिक या साप्ताहिक बैकअप की पेशकश करते हैं, जो अप्रत्याशित मुद्दों से उपयोगकर्ताओं के डेटा की सुरक्षा करते हैं।
शेयर्ड होस्टिंग के ३ नुकसान

– रिसोर्स की कमी
शेयर्ड होस्टिंग में एक ही सर्वर पर कई वेबसाइट्स होस्ट होती हैं। इसका मतलब है कि आपके साथ अन्य वेबसाइट्स भी उसी सर्वर के रिसोर्सेस का उपयोग कर रही होती हैं। जैसे ही सर्वर पर ट्रैफिक बढ़ता है, सभी वेबसाइट्स के रिसोर्सेस में कमी आने लगती है। इससे आपकी वेबसाइट की स्पीड और परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है।
रिसोर्सेस जैसे सीपीयू और रैम का सीमित होना आपकी साइट की लोडिंग स्पीड को धीमा बना सकता है। जब एक वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक आता है, तो वह अधिक सीपीयू और रैम का उपयोग करती है, जिससे अन्य वेबसाइट्स के लिए रिसोर्सेस की उपलब्धता कम हो जाती है। यह आपके यूजर्स को धीमा अनुभव दे सकता है, जिससे वे साइट छोड़कर जा सकते हैं।
स्पीड और परफॉर्मेंस का डाउन होना एसीओ पर भी असर डालता है। गूगल जैसे सर्च इंजन तेज़ वेबसाइट्स को प्राथमिकता देते हैं। अगर आपकी साइट धीमी है, तो यह आपकी रैंकिंग को भी प्रभावित कर सकती है और आपके ऑर्गेनिक ट्रैफिक में गिरावट ला सकती है। शेयर्ड होस्टिंग में इस रिसोर्स की कमी का सीधा असर आपके बिजनेस की ग्रोथ पर पड़ सकता है।
अगर आपके पास एक हाई-ट्रैफिक वेबसाइट है, तो शेयर्ड होस्टिंग आपके लिए उपयुक्त विकल्प नहीं हो सकता। ऐसे में वीपीएस या डेडिकेटेड होस्टिंग आपके लिए बेहतर साबित हो सकती है, क्योंकि इनमें आप अपने रिसोर्सेस को नियंत्रित कर सकते हैं और किसी अन्य साइट के कारण आपकी स्पीड पर प्रभाव नहीं पड़ता है।
– सेक्योरिटी की चिंता
शेयर्ड होस्टिंग में एक ही सर्वर पर कई वेबसाइट्स होती हैं, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ जाता है। अगर उसी सर्वर पर मौजूद किसी अन्य वेबसाइट में वायरस या मैलवेयर का अटैक होता है, तो इसका असर आपकी वेबसाइट पर भी हो सकता है। इससे आपके यूजर्स का डेटा भी खतरे में आ सकता है।
शेयर्ड होस्टिंग में सभी वेबसाइट्स एक ही आईपी एड्रेस शेयर करती हैं। अगर किसी अन्य वेबसाइट पर स्पैमिंग या फिशिंग का प्रयास होता है, तो यह हो सकता है कि आपके आईपी को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया जाए। इसका मतलब है कि आपकी वेबसाइट पर भी इसके नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं और ईमेल डिलीवरी इश्यूज जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
इसके अलावा, शेयर्ड होस्टिंग में सिक्योरिटी सेटिंग्स पर आपका सीमित नियंत्रण होता है। जैसे, आपके पास फायरवॉल सेटिंग्स या विशेष सुरक्षा टूल्स का उपयोग करने की अनुमति नहीं होती है। जब आप अपनी वेबसाइट के लिए कस्टम सिक्योरिटी सेटिंग्स को एडजस्ट नहीं कर पाते हैं, तो यह आपकी वेबसाइट की सुरक्षा को कमजोर बना सकता है।
अगर आप संवेदनशील डेटा जैसे क्रेडिट कार्ड या पर्सनल जानकारी को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो शेयर्ड होस्टिंग उचित विकल्प नहीं है। इसके बजाय, वीपीएस या डेडिकेटेड होस्टिंग जैसे विकल्प का उपयोग करना सुरक्षित हो सकता है, क्योंकि इनमें आप अपनी सिक्योरिटी सेटिंग्स को अनुकूलित कर सकते हैं और अपनी वेबसाइट को अन्य वेबसाइट्स से सुरक्षित रख सकते हैं।
– कस्टमाइज़ेशन में कमी
शेयर्ड होस्टिंग में कस्टमाइज़ेशन के विकल्प सीमित होते हैं। इसका मतलब है कि आप सर्वर सेटअप या स्पेशल सॉफ़्टवेयर इंस्टालेशन जैसी चीजों को नियंत्रित नहीं कर सकते। यह उन वेबसाइट्स के लिए समस्या हो सकती है जिनके पास विशेष जरूरतें होती हैं, जैसे कि कस्टमाइज्ड ऍप्लिकेशन चलाना या स्पेसिफिक सेटअप की आवश्यकता।
जैसा कि शेयर्ड होस्टिंग में सभी वेबसाइट्स एक ही सर्वर पर होती हैं, होस्टिंग प्रोवाइडर आपको एडवांस्ड कस्टमाइज़ेशन की अनुमति नहीं देते हैं। उदाहरण के लिए, आप अपने सर्वर पर कोई खास सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करना चाहते हैं, जो आपकी वेबसाइट की परफॉर्मेंस को बेहतर बना सके, लेकिन शेयर्ड होस्टिंग में यह संभव नहीं हो पाता है।
कस्टमाइज़ेशन की कमी के कारण आप अपनी वेबसाइट को अधिक प्रभावी और अपने अनुसार ढाल नहीं सकते हैं। इस प्रकार, यदि आपकी वेबसाइट की बढ़ती जरूरतें हैं और आप अधिक नियंत्रण चाहते हैं, तो शेयर्ड होस्टिंग आपके लिए एक लिमिटेड विकल्प साबित हो सकती है। इससे आप अपनी वेबसाइट की वृद्धि को रोक सकते हैं और आपके लिए नकारात्मक परिणाम आ सकते हैं।
अगर आपकी वेबसाइट को स्पेशल सेटअप की जरूरत है, जैसे कि मल्टी-लेवल सिक्योरिटी या हाई-परफॉर्मेंस के लिए कस्टम सॉफ्टवेयर, तो वीपीएस या डेडिकेटेड होस्टिंग जैसी अधिक कस्टमाइजेबल होस्टिंग सेवाएं आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती हैं। इन होस्टिंग विकल्पों में आप अपने सर्वर को पूरी तरह से कंट्रोल कर सकते हैं और कस्टमाइजेशन का लाभ उठा सकते हैं।
शेयर्ड होस्टिंग के कई फायदे और नुकसान शामिल हैं। जिनमे से ३ हमने इस लेख में शामिल किया हैं। फायदे और नुकसान छोड़ कर आपको यह देखना हैं कि वेब होस्टिंग प्रदाता आपको कितना स्टोरेज और सुविधाएं देता हैं। माइल्सवेब के शेयर्ड होस्टिंग के साथ आपको मिलता हैं एसएसडी एनवीएमई स्टोरेज, असीमित बैंडविड्थ, एसएसएसल प्रमाणपत्र, और आदि फीचर्स शामिल हैं।
अगर आप इन सुविधाओं से संतुष्ट हैं तो माइल्सवेब आपके लिए उपयुक्त वेब होस्टिंग प्रदाता हैं। आज ही हमारे बिक्री विभाग से संपर्क करें और हमारे किफायती शेयर्ड होस्टिंग प्लांस मौजूद हैं। हमारे प्लांस आपके लिए ऑनलाइन प्रगति उपयोगी हैं।