डिजिटल मार्केटिंग के कई रूप होते हैं, जिसमे से एक हैं कंटेंट। और यह बात भी सही हैं कि ‘Content is the King’। इसलिए आप सर्च इंजिन्स पर तमाम तरीके के कंटेंट ब्लॉग्स, e-books या फिर न्यूज़लेटर्स जो सिर्फ मार्केटिंग के काम के लिए हो। असल में इस प्रकार के कंटेंट ज्ञान, एंटरटेन और इनफार्मेशन का बेहतरीन सोर्स होते हैं जिससे वेबसाइट विज़िटर आगे जाकर कस्टमर बनता हैं। इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए आपको यह ब्लॉग पढ़ना होगा।
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Copywriting vs. content writing: कौनसा सबसे बेहतर ?

कॉपीराइटिंग दरअसल सेल्स ड्रिवेन कंटेंट होता हैं जिससे ज़्यादा से ज़्यादा कस्टमर्स को साइन-अप कर सके। कंटेंट राइटिंग के ज़रिए आप विज़िटर्स को प्रोडक्ट्स और सर्विसेस के बारे ज्ञान देते हैं। इससे ब्रांड के प्रति उनके मन में ट्रस्ट और ऑथोरिटी बिल्ड होता हैं।

नोट
कॉपीराइटिंग मुख्य रूप से रीडर्स को अपनी प्रोडक्ट्स/सर्विसेस बेचने से संबंधित है और इसका उपयोग मुख्य रूप से विज्ञापन में किया जाता है। इसलिए, तकनीकी रूप से यह कंटेंट राइटिंग में नहीं गिना जाता है।
कंटेंट राइटिंग टिप्स
एक सही टॉपिक चुनें
कंटेंट लिखते समय, आपको ऐसा टॉपिक चुनना चाहिए जो आपके ब्रांड और टार्गेटेड ऑडियंस के लिए ज़रूरी हो।
ज़रूरी टॉपिक्स पर ध्यान दे, आप सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट के रूप में अपनी रेप्युटेशन बना सकते हैं। इससे पोटेंशल लिड्स के आपके व्यवसाय से जुड़ने की संभावना बढ़ जाती है।
इसके अलावा, प्रासंगिकता पर ध्यान केंद्रित करना और अपने ज्ञान का प्रदर्शन करना आपके Search Engine Optimization (SEO) में भी मदद कर सकता है:
Google उन साइटों को रैंक देना चाहता है जो Experience, Expertise, Authoritativeness, and Trustworthiness (EEAT) प्रदर्शित करती हैं। और आप ऐसा तभी कर सकते हैं जब आपको अपने विषय की पूरी जानकारी हो। आप इसके लिए कीवर्ड रिसर्च टूल का सहारा ले सकते हैं जिससे ट्रेंडिंग टॉपिक्स का आप पता लगा पाए।
अपने कंटेंट का सही फॉर्मेट चुनना
आप कौनसे प्रकार के कंटेंट लिखने के काबिल हैं? हमने निचे टेबल में कुछ फॉर्मेट पेश किए हैं, इनमे से आप अपने काबिल के अनुसार एक चुन सकते हैं।
| फॉर्मेट | विवरण |
| शॉर्ट फॉर्म कंटेंट | १,००० शब्दों से कम; किसी एक खास विषय के लिए बेस्ट। |
| सक्सेस स्टोरीज़ | ग्राहकों की उपलब्धियों को आकर्षक ढंग से बताना। |
| लॉन्ग–फॉर्म ब्लॉग | १,०००+ शब्द; विषय का गहराई से एनालिसिस। |
| केस स्टडीज | ग्राहकों की सफलता का सबूत और फैक्ट्स का डिटेल। |
| गेटेड कंटेंट | लीड जनरेशन के लिए फॉर्म भरने के बाद उपलब्ध कंटेंट। |
| व्हाइट पेपर्स | B2B मार्केटिंग के लिए किसी प्रोडक्ट की विस्तृत रिपोर्ट। |
| प्रोडक्ट गाइड्स | ग्राहकों को प्रोडक्ट इस्तेमाल करना सिखाने वाले मैनुअल। |
| रिसर्च रिपोर्ट्स | मूल अध्ययन और उनके रिसर्च की विस्तृत जानकारी। |
प्रभावशाली कंटेंट आउटलाइन तैयार करें
बिना योजना के लिखना आपके समय और मेहनत को बर्बाद कर सकता है। एक बेहतर कंटेंट आउटलाइन आपके लेखन के लिए एक रूपरेखा (Framework) का काम करती है, जो आपको भटकाव से बचाती है।
आउटलाइन बनाने के लिए इन ३ चरणों का पालन करें:
- समरी लिखें: सबसे पहले यह स्पष्ट करें कि आप क्या लिखना चाहते हैं और आपके कंटेंट का मुख्य उद्देश्य क्या है।
- कंटेंट स्ट्रक्चर तैयार करें: लेख की संरचना तैयार करें और हर सेक्शन (Heading/Sub-heading) में शामिल किए जाने वाले मुख्य बिंदुओं को नोट करें।
- रिसोर्सेस एकत्रित करें: लेखन के दौरान काम आने वाले महत्वपूर्ण लिंक्स, आंकड़े और इमेज पहले ही जुटा लें।
इसको आसान करने के लिए आप अपने कम्पीटीटर के आर्टिकल्स का भी सहारा ले सकते हैं और जान सकते हैं कि कौन कौन से पॉइंटर्स उसने कवर किये हैं।
SEO फ्रेंडली कंटेंट हो
माइल्सवेब के काफी सारे कंटेंट अलग अलग कीवर्ड्स के लिए रैंक होते हैं क्यूंकि हमारे राईटर्स SEO फ्रेंडली कंटेंट लिखते हैं। इसलिए जब भी आप कंटेंट जैसे कि वेब पेज या ब्लॉग लिखना चाहते हैं तो याद रखे कि आपको सर्च इंजिन अल्गोरिथम के हिसाब से लिखना पड़ेगा।
कीवर्ड रिसर्च SEO फ्रेंडली कंटेंट की नींव होती है। आपको पहले प्राइमरी सेकंडरी कीवर्ड्स के बीच का फरक समझना होगा। कोई भी कंटेंट के टाइटल में प्राइमरी कीवर्ड टाइटल में मौजूद होता हैं। इसके अलावा, कंटेंट की रीडेबिलिटी भी बहुत मायने रखती है। जब कंटेंट पढ़ने में आसान होता है, बुलेट पॉइंट्स, उदाहरण और साफ़ एक्सप्लेनेशन दिए जाते हैं, तो यूज़र ज्यादा समय तक पेज पर रहता है। इससे बाउंस रेट कम होता है और सर्च इंजन को पॉजिटिव सिग्नल मिलता है।
SEO फ्रेंडली कंटेंट में इंटरनल लिंकिंग और अपडेटेड जानकारी भी जरूरी होती है। पुराने कंटेंट को समय-समय पर अपडेट करना, नए ट्रेंड्स और लेटेस्ट डेटा जोड़ना सर्च इंजन को दिखाता है कि वेबसाइट एक्टिव और रिलायबल है। यही वजह है कि माइल्सवेब का कंटेंट लंबे समय तक सर्च रिजल्ट्स में बना रहता है।
अपने कंटेंट को एक बेहतरीन स्ट्रक्चर दें
एक साफ़ कंटेंट स्ट्रक्चर रीडर्स और सर्च इंजिन दोनों के समझ में आता हैं। रीडर्स को जो विषय के बारे में जानकारी चाहिए वो वह मिनटों में ढूंढ सकते हैं। साथ ही सर्च इंजिन को भी क्रॉलिंग में मदद मिलती हैं।
- अपने कंटेंट को सबटाइटल्स के साथ सेक्शन में बाँटें (H1 टैग जैसे HTML टैग का उपयोग करना न भूलें)।
- टेबल ऑफ़ कंटेंट प्रदान करें ताकि रीडर्स को पता चले कि आपका कंटेंट किस विषय को कवर करता है।
- यूज़र्स को विभिन्न सेक्शन तक पहुँचने में मदद करने के लिए ज़रूरत के अनुसार एंकर लिंक जोड़ें।
- यूज़र्स को जानकारी को आसानी से समझने में मदद करने के लिए बुलेट पॉइंट, टेबल और अन्य फ़ॉर्मेटिंग तत्वों का उपयोग करें।
- अपने बिंदुओं को तार्किक क्रम में रखें और उनके बीच प्रवाह सुनिश्चित करने का प्रयास करें। उपयोगी इमेजेस, वीडियो और अन्य विज्युअल का उपयोग करके टेक्स्ट को काटेगोराइज़ करें।
- पैराग्राफ को एक या दो वाक्यों तक सीमित रखें।
कंटेंट के टोन पर ध्यान दे
आपके लिखने के तरीके से यह समझ आता हैं कि आपका कंटेंट कौनसा टारगेट ऑडियंस के लिए बनाया हैं।
एक सही कंटेंट टोन इन चीज़ों पर निर्भर रहता हैं :
- टारगेट ऑडियंस: उदाहरण के लिए, आप Gen Z दर्शकों को संबोधित करते समय आधुनिक बोलचाल की भाषा का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन ५० वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टारगेट करते समय नहीं।
- ब्रांड की पहचान: फाइनेंसियल इंस्टीटूशन अपनी विश्वसनीयता दर्शाने के लिए औपचारिक भाषा का उपयोग करते हैं, जबकि फास्ट फूड ब्रांड काफी साधारण तरीका अपनाते हैं कंटेंट लिखने के लिए।
- सब्जेक्ट मैटर: ब्रांड माफी मांगते समय या कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी पर चर्चा करते समय अधिक गंभीर लहजा अपनाते हैं।
- कंटेंट फॉर्मेट: श्वेत पत्र ब्लॉग पोस्ट की तुलना में अधिक औपचारिक होते हैं, क्योंकि रीडर्स अधिक प्रोफेशनल कंटेंट की अपेक्षा करते हैं।
कंटेंट राइटिंग से पैसे कैसे कमाए?
कंटेंट राइटिंग से पैसे कमाने के लिए, एक पोर्टफोलियो बनाएं । आप अपनी स्किल्स (जैसे ब्लॉगिंग, कॉपी राइटिंग) को और अच्छा करें, फ्रीलांसिंग प्लेटफॉर्म्स (Upwork, Fiverr, Textbroker) पर प्रोफाइल बनाएं, सोशल मीडिया पर एक्टिव रहें, और क्लाइंट्स के लिए सीधे लिख कर या अपनी खुद की वेबसाइट/ब्लॉग से पैसा कमाएं, शुरुआत में कम रेट पर काम करके एक्सपीरियंस और अच्छा पोर्टफोलियो बनाएं और धीरे-धीरे अपनी फीस बढ़ाएं।
शुरुआत कैसे करें
- पोर्टफोलियो बनाएं: बिना अनुभव के भी, अपने बेस्ट ३-५ आर्टिकल या सैंपल लिख कर एक पोर्टफोलियो तैयार करें।
- अपनी कैटेगरी चुनें: किसी एक या दो टॉपिक (जैसे हेल्थ, टेक्नोलॉजी, फाइनेंस) में एक्सपर्ट बनें।
- स्किल्स डेवेलप करें: लिखने के साथ-साथ SEO, ग्रामर और एडिटिंग टूल्स (जैसे Hemingway Editor) का इस्तेमाल सीखें।
पैसे कमाने के तरीके
- फ्रीलांसिंग प्लेटफॉर्म्स: Upwork, Fiverr, Freelancer.com, Textbroker, Scripted, Copify जैसी वेबसाइट्स पर रजिस्टर करें।
- ब्लॉगिंग: अपना ब्लॉग शुरू करें और Google AdSense, एफिलिएट मार्केटिंग (Affiliate Marketing) या स्पॉन्सर्ड पोस्ट से पैसे कमाएं।
- सोशल मीडिया: अपने सोशल मीडिया पेज (Instagram, Facebook) पर पेड प्रमोशन करके या दूसरे क्रिएटर्स के लिए कंटेंट लिखकर पैसे कमाएं।
- ई-बुक्स और कोर्सेस: अपनी जानकारी को PDF या ऑनलाइन कोर्स के रूप में बेचें।
- कॉपीराइटिंग: विज्ञापन या सेल्स पेज लिखने का काम करें।
कंटेंट राइटिंग सिर्फ एक स्किल नहीं बल्कि प्रोफेशन भी हैं जिसमे कई लोगो ने अपना बेहतरीन करियर बनाया हैं। जैसे जैसे डिजिटल मार्केटिंग इंडस्ट्री बढ़ेगा वैसे वैसे कंटेंट राइटिंग की डिमांड भी बढ़ते रहेगी। आप कई तरीके के कंटेंट लिख कर अच्छा करियर इसमें बना सकते हैं।
इस ब्लॉग को पढ़ने के बाद कंटेंट राइटिंग क्या होता हैं यह तो आपके समझे में आ गया होगा। हमेशा यह याद रखे कि SEO फ्रेंडली कंटेंट आपको बनाना हैं वो भी एक सही स्ट्रक्चर के साथ। साथ ही कौनसे टारगेट ऑडियंस के लिए कंटेंट बनाए हैं यह भी विषय सोचने से पहले निर्धारित करें।
FAQs
१. कंटेंट राइटिंग और कॉपीराइटिंग के बीच मुख्य अंतर?
कंटेंट राइटिंग का मुख्य उद्देश्य पाठकों को शिक्षित करना, जानकारी देना या मनोरंजन करना होता है, जैसे कि ब्लॉग या लेख। इसके विपरीत, कॉपीराइटिंग पूरी तरह से बिक्री और कन्वर्जन पर केंद्रित होती है, ताकि पाठक कोई ठोस कदम (जैसे खरीदारी) उठाए। सरल शब्दों में, कंटेंट राइटिंग ब्रांड के प्रति विश्वास जगाती है, जबकि कॉपीराइटिंग उस विश्वास को मुनाफे में बदलती है।
२. फ्रेशर के तौर पर करियर कैसे शुरू करें?
सबसे पहले अपनी पसंद का एक विषय (Niche) चुनें और उस पर लिखने का नियमित अभ्यास करना शुरू करें। अपना एक पोर्टफोलियो बनाने के लिए LinkedIn या Medium जैसे प्लेटफॉर्म पर अपने लेख पब्लिश करें ताकि क्लाइंट्स आपका काम देख सकें। इसके बाद इंटर्नशिप के लिए अप्लाई करें या ‘Upwork’ और ‘Freelancer’ जैसी साइटों पर छोटे प्रोजेक्ट्स लेकर अनुभव हासिल करें।
३. अSEO Content Writing क्या है और इसे कैसे सीखें?
SEO (Search Engine Optimization) राइटिंग का मतलब ऐसा कंटेंट लिखना है जो Google जैसे सर्च इंजन पर रैंक कर सके। इसे सीखने के लिए आपको कीवर्ड रिसर्च, मेटा डिस्क्रिप्शन और हेडिंग्स (H1, H2) के सही इस्तेमाल की समझ होनी चाहिए। आप ‘HubSpot Academy’ या YouTube से फ्री में इसके बेसिक सीख सकते हैं और फिर उन्हें अपने आर्टिकल्स में लागू कर सकते हैं।
४. कंटेंट लिखने के लिए सबसे अच्छे टूल्स?
लिखने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए Grammarly ग्रामर और स्पेलिंग चेक करने के लिए सबसे बेहतरीन टूल माना जाता है। ChatGPT और Jasper जैसे AI टूल्स कंटेंट के आइडिया जनरेट करने और ड्राफ्ट तैयार करने में बहुत मददगार साबित होते हैं। साथ ही, Hemingway Editor का उपयोग आप अपने वाक्यों को सरल और पढ़ने में आसान (Readability) बनाने के लिए कर सकते हैं।

