इंटरनेट प्रोटोकॉल क्या हैं?

February 14, 2026 6 min Read
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इंटरनेट की दुनिया काफी जटिल होती हैं। इसलिए इसमें कुछ नियम कायदे होते हैं जिससे डेटा ट्रांसफर और उसकी एक्सेसिबिलिटी सुरक्षित हो। इसके लिए बना हैं इंटरनेट प्रोटोकॉल बना हैं। इंटरनेट प्रोटोकॉल दरअसल एक सेट ऑफ़ रूल्स हैं जो निर्धारित करता हैं डेटा इंटरनेट नेटवर्क्स पर किस तरह ट्रेवल करेगा। हर डिवाइस और डोमेन नेम जो इंटरनेट से जुड़ा हैं उसको एक IP एड्रेस होता हैं। अगर IP एड्रेस के बारे में अधिक जानकारी चाहिए तो आप हमारा ब्लॉग IP एड्रेस क्या हैं पढ़ सकते हैं।

विषयसूची

नेटवर्क प्रोटोकॉल क्या है?

नेटवर्किंग में, प्रोटोकॉल कुछ कार्यों को करने और डेटा को फॉर्मटेड करने का एक स्टैंडर्डाइज़्ड तरीका है, जिससे दो या दो से अधिक डिवाइस आपस में कम्युनिकेट कर सकें और एक-दूसरे को समझ सकें।

यह समझने के लिए कि प्रोटोकॉल क्यों आवश्यक हैं, लेटर भेजने की प्रक्रिया पर विचार करें। लिफाफे पर पते निम्न क्रम में लिखे जाते हैं: नाम, पता, शहर, राज्य और ज़िप कोड। यदि किसी लिफाफे को डाक पेटी में इस प्रकार डाला जाए कि पहले ज़िप कोड लिखा हो, फिर पता, उसके बाद राज्य, और इसी प्रकार, तो पोस्ट-ऑफिस उसे डिस्ट्रीब्यूट नहीं करेगा। डाक सिस्टम के सुचारू रूप से कार्य करने के लिए पते लिखने का एक एक्सेप्टएड प्रोटोकॉल है। ठीक उसी प्रकार, सभी IP डेटा पैकेटों को एक निश्चित क्रम में कुछ जानकारी प्रस्तुत करनी होती है, और सभी आईपी पते एक स्टैंडरीज़ेड फॉर्मेट का पालन करते हैं।

इंटरनेट प्रोटोकॉल कैसे काम करता हैं?

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जब कोई डेटा प्राप्त करता हैं या किसी ईमेल या वेबपेज के रूप  में तो उसे छोटे छोटे डेटा पैक्स में बाँटा जाता हैं। हर एक पैकेट में सेंडर का IP एड्रेस और रिसीवर का एड्रेस दोनों होता हैं। कोई भी पैकेट सबसे पहले गेटवे कंप्यूटर को भेजा जाता हैं जो इंटरनेट के एक भाग को समझता हैं। गेटवे कंप्यूटर डेस्टिनेशन एड्रेस को पढ़ता है और पैकेट को पास के किसी गेटवे को भेजता है, जो बदले में डेस्टिनेशन एड्रेस को पढ़ता है, और यह प्रोसेस तब तक चलती रहती है जब तक कि कोई गेटवे पैकेट को अपने आस-पास के क्षेत्र—या डोमेन— में मौजूद किसी कंप्यूटर से संबंधित नहीं पहचान लेता । फिर वह गेटवे पैकेट को सीधे उस कंप्यूटर को भेज देता है जिसका एड्रेस दिया गया है।

क्योंकि एक संदेश कई पैकेटों में बांटा होता है, इसलिए आवश्यकता पड़ने पर प्रत्येक पैकेट को इंटरनेट पर अलग-अलग मार्गों से भेजा जा सकता है। पैकेट भेजे जाने के क्रम से अलग अलग क्रम में भी पहुँच सकते हैं। इंटरनेट प्रोटोकॉल केवल उन्हें पहुँचाता है। उन्हें सही क्रम में व्यवस्थित करने का कार्य एक अन्य प्रोटोकॉल – ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल – का होता है।

IPv4 vs. IPv6: मुख्य अंतर

IP एड्रेस का चौथा वर्ज़न IPv4 पहली बार १९८३ में पेश किया गया था। IPv4 लगभग ४.३ बिलियन एड्रेसेस का इस्तमाल करता हैं। वहीँ IPv6 एड्रेसेस में कई सारे कैरेकटर्स होते हैं। इसलिए आज के वेब होस्टिंग प्रोवाइडर्स ‘ड्यूल स्टैक कंफीग्रेशन’ की वजह से IPv4 और IPv6 प्रोटोकॉल को फॉलो करते हैं। इस वजह से मॉडर्न नेटवर्क्स पर वेबसाइट्स बेहतरीन प्रोफॉरमेंस देते हैं।

इंटरनेट प्रोटोकॉल के प्रकार

१. TCP/IP 

Transmission Control Protocol (TCP) एक ट्रांसपोर्ट इंटरनेट प्रोटोकॉल हैं जो यह निर्धारित करता हैं कि डेटा कैसे भेजा और प्राप्त किया जाता हैं। TCP हेडर हर डेटा पैकेट में मौजूद होता हैं जो TCP/IP का इस्तमाल करता हैं। डेटा ट्रांसमिशन के पहले TCP प्राप्तकर्ता से एक कनेक्शन जोड़ता हैं। 

इससे यह सुनिश्चित होता हैं सारे डेटा पैकेट्स आए एक बार ट्रांसमिशन शुरू हो तो। TCP के ज़रिये प्राप्तकर्ता हर पैकेट को स्वीकार करता हैं, और मिसिंग पैकेट्स को वापस भेजता हैं। TCP का डिज़ाइन विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए इस्तमाल किया जाता हैं, गति नहीं। इसलिए TCP/IP प्रोटोकॉल में अक्सर डेटा लोडिंग स्पीड थोड़ा लंबा होता हैं।

२. UDP

UDP का पूरा नाम User Datagram Protocol होता है। यह एक ट्रांसपोर्ट लेयर कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल है जिसका उपयोग इंटरनेट पर कम्युनिकेशन के लिया किया जाता है। UDP में डेटा को ट्रांसफर करने से पहले कनेक्शन को स्थापित करने की आवश्यकता नहीं होती क्योकि यह एक कनेक्शन लेस प्रोटोकॉल है।

इस प्रोटोकॉल का उपयोग ज्यादातर मनोरंजन जैसे (गेम खेलने , वीडियो देखने) के लिए किया जाता है। यह इंटरनेट प्रोटोकॉल का एक हिस्सा होता है जो TCP की तुलना में कम विश्वसनीय होता है।

३. POP

POP (Post Office Protocol) एक स्टैण्डर्ड इंटरनेट प्रोटोकॉल हैं जिसका उपयोग ईमेल क्लाइंट द्वारा रिमोट सर्वर से ईमेल मेसेजस को लोकल मशीन (जैसे कंप्यूटर या फोन) पर डाउनलोड करने के लिए किया जाता हैं। इसका मुख्य वर्ज़न, POP3, सर्वर से मेल प्राप्त करता है और आमतौर पर डाउनलोड के बाद उन्हें सर्वर से हटा देता है, जिससे वे केवल उस अलग अलग डिवाइस पर ऑफ़लाइन उपलब्ध रहते हैं। 

POP प्रोटोकॉल एक बार डाउनलोड होने के बाद, ईमेल को बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी पढ़ा जा सकता है। साथ ही, यह सुविधा सीमित करती है कि ईमेल को कई उपकरणों से नहीं देखा जा सकता है, क्योंकि मेल एक ही स्थान पर डाउनलोड हो जाता है।

४. SMTP

SMTP का मतलब Simple Mail Transfer Protocol होता है। यह आप सॉफ्टवेयर के द्वारा इंटरनेट पर ईमेल को भेजने के लिए कर सकते हैं। POP की तरह SMTP भी आप ईमेल भेजने या प्राप्त करने के लिए कर सकते हैं। इस प्रोटोकॉल में बहुत से कम्युनिकेशन गाइडलाइन्स होते है जो ईमेल को ट्रांसफर करने में मदद करते है। इसमें हम वीडियो , इमेज , ऑडियो और ग्राफ़िक्स जैसे डेटा को भेज सकते है।

निष्कर्ष

इंटरनेट प्रोटोकॉल इंटरनेट की वह मूल तकनीक है जो अलग-अलग डिवाइस और नेटवर्क के बीच डेटा को सही तरीके से पहुंचाने का काम करती है। आसान भाषा में कहें तो यह इंटरनेट पर डेटा भेजने का “पता लगाने और रास्ता तय करने वाला नियम” है, जिससे कोई भी जानकारी (जैसे वेबसाइट, ईमेल, वीडियो, फाइल) सही डिवाइस तक पहुंच सके। IP के बिना इंटरनेट पर डेटा ट्रांसफर करना संभव नहीं होता, क्योंकि यह हर डिवाइस को एक यूनिक पहचान देकर नेटवर्क कम्युनिकेशन को व्यवस्थित बनाता है।

आज के डिजिटल युग में इंटरनेट प्रोटोकॉल की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह नेटवर्क सिक्योरिटी, डेटा ट्रांसमिशन और ऑनलाइन कनेक्टिविटी की नींव है। चाहे आप मोबाइल पर ब्राउज़िंग कर रहे हों या किसी सर्वर से डेटा डाउनलोड कर रहे हों, हर जगह IP काम करता है। इसलिए इंटरनेट प्रोटोकॉल को इंटरनेट का “बेसिक फ्रेमवर्क” कहा जाता है, जो पूरी दुनिया को एक ही नेटवर्क में जोड़ने में मदद करता है।

FAQs

१. इंटरनेट प्रोटोकॉल का मुख्य कार्य क्या है?

IP का मुख्य कार्य डेटा को छोटे-छोटे टुकड़ों (पैकेट) में तोड़कर उन्हें गंतव्य तक पहुंचाना है। यह इंटरनेट की डाक सेवा की तरह काम करता है, जहां हर पैकेट पर आईपी एड्रेस होता है।

२. IP और TCP में क्या अंतर है?

IP डेटा को रूट करने और भेजने पर केंद्रित है, जबकि TCP यह सुनिश्चित करता है कि पैकेट सुरक्षित रूप से और सही क्रम में गंतव्य पर पहुंचें।

३. IP के बिना क्या होगा?

IP के बिना, इंटरनेट पर डेटा भेजना असंभव होगा क्योंकि पैकेटों को यह पता नहीं चलेगा कि उन्हें कहां जाना है, जिससे नेटवर्क में अराजकता फैल जाएगी।

The Author

मै एक अनुभवी कंटेंट राइटर हूँ जो पिछले कुछ वर्षों से MilesWeb के साथ काम कर रहा हूँ। मै विभिन्न प्रकार की कंटेंट लिखने में माहिर हूँ, जिसमें ब्लॉग पोस्ट, वेबसाइट कॉपी, और सोशल मीडिया भी शामिल है।