डिजिटल मार्केटिंग में एक टर्म होता हैं SEO स्कोर। अगर आप अपने वेब पेज URL को सर्च इंजिन पर रैंक करवाना चाहता हैं तो SEO स्कोर को बेहतरीन करना काफी ज़रूरी हैं। अगर आपको Google, Yahoo, Bing और बाकी सर्च इंजिन्स पर कंटेंट रैंक करवाना हैं तो आपको एक अच्छा SEO स्कोर करना होगा। लेकिन SEO स्कोर क्या हैं? इस ब्लॉग में हमने यह विस्तार से आपको समझाया हैं।
विषयसूची
SEO स्कोर का मतलब
वेबसाइट की रैंक होने में कई सारे तकनीनी फैक्टर्स रहते हैं जिसमे से एक हैं SEO स्कोर। इन ही अलग अलग तकनिकी कारणों के आधार पर १०० में से आपको SEO स्कोर मिलता हैं। यूज़र एक्सपीरियंस, वेबसाइट स्ट्रक्चर और आदि जैसे फैक्टर्स इसमें शामिल हैं। इस बारे में एक डिजिटल मार्केटिंग कंपनी के Main Street ROI फाउंडर और COO का कहना हैं,
“Successful SEO is not about tricking Google, and it’s about partnering with Google to provide the best search results for Google’s users.”
इसका मतलब हैं कि Google जैसे सर्च इंजिन को आपको बेवकूफ बिना बनाए उसका पार्टनर बने और बेहतर सर्च इंजिन रिज़ल्ट्स पाए। और बेहतरीन यूज़र एक्सपेरिंस के लिए आप माइल्सवेब का वेब होस्टिंग प्लान चुन सकते हैं, क्यूंकि हम देते हैं अच्छा अपटाइम और नेटवर्क स्पीड।
SEO स्कोर कैसे चेक करें?
वैसे तो कई SEO score calculator टूल्स seo.com, Semrush और आदि मौजूद हैं जिसपर आप SEO स्कोर चेक कर सकते हैं। लेकिन हम इस ब्लॉग में Semrush का उदाहरण देने वाले हैं:
Semrush में आप Free SEO Checker और Site Audit Tool का इस्तमाल कर के आप SEO स्कोर चेक कर सकते हैं।
Free SEO Checker
- Semrush Site Audit पेज पर जाएं: Semrush SEO Checker पेज पर जाएं।
- अपना डोमेन दर्ज करें: अपनी वेबसाइट का URL दिए गए फ़ील्ड में टाइप करें।
- एनालाइज करें: महत्वपूर्ण SEO समस्याओं की जांच के लिए “”Analyze Website” पर क्लिक करें।
- रिपोर्ट देखें: SEO स्कोर, टास्कस की सूची और मेटा टैग, हेडिंग, स्पीड आदि में पाई गई समस्याओं का डिटेल्स प्राप्त करें।
Site Audit Tool
- एक प्रोजेक्ट बनाएं: Semrush में लॉग इन करें, एक नया प्रोजेक्ट बनाएं और अपना डोमेन जोड़ें।
- ऑडिट कॉन्फ़िगर करें और शुरू करें: ऑडिट सेट अप करें (आप एक फ्री अकाउंट पर १०० पेज तक क्रॉल कर सकते हैं) और “Start Site Audit” पर क्लिक करें।
- साइट की स्थिति का विस्तृत अवलोकन देखें: क्रॉल के बाद, टूल आपकी साइट की स्थिति का डिटेल्ड ओवरव्यू प्रदान करता है, जिसमें एरर और नोटिसेस को हाइलाइट किया जाता है ताकि आपको समस्याओं को ठीक करने और सुधार करने में मदद मिल सके।
SEO स्कोर कैसे बढाए?

SEO स्कोर बढ़ाने के लिए, हाई क्वालिटी वाली, यूज़र्स सेंटर्ड कंटेंट बनाएँ, कीवर्ड रिसर्च करें, मोबाइल-अनुकूलित डिज़ाइन और तेज़ पेज स्पीड सुनिश्चित करें, On Page (मेटा टैग, टाइटल) और Off-Page (बैकलिंक्स) तकनीकों का उपयोग करें, और नियमित रूप से अपनी मैट्रिक्स को ट्रैक करें।
कंटेंट और कीवर्ड (On-Page SEO)
- कीवर्ड रिसर्च: प्राइमरी कीवर्ड ढूंढें जो आपके दर्शकों के इरादों से मेल खाते हों (जैसे Google Keyword Planner, Ahrefs का उपयोग करें)।
- हाई क्वालिटी वाली कंटेंट: डिटेल्ड, यूज़र-फ्रेंडली और स्कैन करने लायक (H1, H2, H3) कंटेंट में डाले।
- मेटा टैग: हर पेज के लिए आकर्षक टाइटल और मेटा डिस्क्रिप्शन लिखें।
- इमेज ऑप्टिमाइज़ करें: इमेज के लिए Alt टेक्स्ट और डिस्क्रिप्टिव फ़ाइल नाम का उपयोग करें।
- इंटरनल लिंकिंग: अपनी वेबसाइट के पेजों को आपस में लिंक करें।
Technical SEO
- मोबाइल–ऑप्टिमाईज़्ड: कन्फर्म करें कि आपकी साइट सभी डिवाइस (रिस्पॉन्सिव डिज़ाइन) पर अच्छी दिखे और तेज़ चले।
- पेज स्पीड: इमेजेस को कंप्रेस करें और तेज़ लोडिंग के लिए सर्वर-साइड रेंडरिंग जैसी तकनीकों का उपयोग करें।
- स्ट्रक्चर: अपनी साइट की स्ट्रक्चर को स्पष्ट रखें (जैसे पिलर पेज और टॉपिक क्लस्टर बनाना)।
SEO स्कोर कैसे बनता हैं?
– कंटेंट की क्वालिटी और उपयोगिता
SEO स्कोर का सबसे बड़ा फैक्टर कंटेंट की क्वालिटी होती है। अगर आपका कंटेंट यूज़र की समस्या को सही तरीके से समझाता है और उसका समाधान देता है, तो सर्च इंजन उसे बेहतर रैंक देता है। सरल भाषा, सही जानकारी और स्पष्ट जवाब SEO स्कोर को बढ़ाते हैं।
इसके अलावा, कंटेंट यूनिक होना बहुत ज़रूरी है। कॉपी किया हुआ या दोहराया गया कंटेंट SEO स्कोर को कम कर सकता है। नियमित रूप से अपडेट किया गया कंटेंट सर्च इंजन को यह संकेत देता है कि वेबसाइट एक्टिव और भरोसेमंद है।
– कीवर्ड का सही इस्तमाल
कीवर्ड वे शब्द होते हैं जिन्हें यूज़र Google पर सर्च करते हैं। सही कीवर्ड का चुनाव और उनका सही जगह पर इस्तेमाल SEO स्कोर को मजबूत बनाता है। कीवर्ड टाइटल, हेडिंग और कंटेंट के अंदर नेचुरली होने चाहिए।
बहुत ज़्यादा कीवर्ड भरना गलत माना जाता है। इसे कीवर्ड स्टफिंग कहते हैं और इससे SEO स्कोर गिर सकता है। हमेशा यूज़र के लिए लिखें, न कि सिर्फ सर्च इंजन के लिए।
– वेबसाइट की स्पीड और मोबाइल फ्रेंडली डिज़ाइन
वेबसाइट की लोडिंग स्पीड SEO स्कोर को सीधे प्रभावित करती है। अगर वेबसाइट धीरे खुलती है, तो यूज़र जल्दी छोड़ देते हैं। इससे बाउंस रेट बढ़ता है और SEO स्कोर कम हो जाता है।
आज ज़्यादातर लोग मोबाइल से वेबसाइट देखते हैं। अगर आपकी वेबसाइट मोबाइल पर सही से काम नहीं करती, तो सर्च इंजन उसे कम रैंक देता है। मोबाइल फ्रेंडली वेबसाइट SEO के लिए बहुत ज़रूरी है। यह आप हमारे AI वेबसाइट बिल्डर टूल की सहायता से भी कर सकते हैं।
– टेक्निकल SEO और वेबसाइट स्ट्रक्चर
टेक्निकल SEO में वेबसाइट का सही स्ट्रक्चर बहुत मायने रखता है। साफ URL, सही हेडिंग टैग और इंटरनल लिंकिंग सर्च इंजन को आपकी वेबसाइट समझने में मदद करते हैं। इससे SEO स्कोर बेहतर होता है।
इसके साथ ही, वेबसाइट में टूटे हुए लिंक या एरर पेज नहीं होने चाहिए। XML साइटमैप और SSL सर्टिफिकेट जैसी चीज़ें भी टेक्निकल SEO को मजबूत बनाती हैं।
– बैकलिंक्स और यूज़र बिहेवियर
बैकलिंक्स यानी दूसरी वेबसाइट से आपकी वेबसाइट पर आने वाले लिंक। अच्छे और भरोसेमंद वेबसाइट से मिले बैकलिंक्स SEO स्कोर को बढ़ाते हैं। यह सर्च इंजन को बताता है कि आपकी वेबसाइट भरोसेमंद है।
यूज़र बिहेवियर भी SEO स्कोर में अहम भूमिका निभाता है। अगर यूज़र आपकी वेबसाइट पर ज़्यादा समय बिताते हैं और कई पेज देखते हैं, तो यह पॉजिटिव सिग्नल माना जाता है। इससे आपकी वेबसाइट की रैंकिंग बेहतर होती है।
SEO स्कोर आपकी वेबसाइट की ऑनलाइन सेहत को दिखाने वाला एक पैमाना है। यह बताता है कि आपकी वेबसाइट कंटेंट, कीवर्ड, स्पीड, टेक्निकल सेटअप और यूज़र एक्सपीरियंस के मामले में सर्च इंजन के नियमों पर कितनी खरी उतरती है। जितना बेहतर SEO स्कोर होगा, उतनी ही ज़्यादा संभावना होगी कि आपकी वेबसाइट Google सर्च में ऊपर दिखाई दे।
SEO स्कोर सिर्फ रैंकिंग तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह यूज़र के भरोसे से भी जुड़ा होता है। जब आपकी वेबसाइट तेज़, सुरक्षित, मोबाइल फ्रेंडली और उपयोगी जानकारी से भरी होती है, तो Google उसे एक भरोसेमंद वेबसाइट मानता है। यही भरोसा आपकी वेबसाइट को लंबे समय तक अच्छी रैंकिंग और स्थिर ट्रैफिक दिलाने में मदद करता है।
सीधे शब्दों में कहें तो SEO स्कोर एक बार का काम नहीं है, बल्कि लगातार सुधार की प्रक्रिया है। नियमित रूप से बेहतर कंटेंट बनाना, सही कीवर्ड का उपयोग करना और वेबसाइट की परफॉर्मेंस पर ध्यान देना SEO स्कोर को मजबूत बनाता है। अगर आप Google के साथ-साथ यूज़र को भी खुश रखते हैं, तो अच्छा SEO स्कोर अपने आप बनता है।
FAQs
१. क्या अलग-अलग टूल्स (Ahrefs, SEMrush, Moz) अलग-अलग स्कोर दिखाते हैं?
हाँ, क्योंकि हर टूल का अपना अलग एल्गोरिदम और डेटाबेस होता है। उदाहरण के लिए, Moz ‘Domain Authority’ पर ध्यान देता है, जबकि Ahrefs ‘Domain Rating’ का उपयोग करता है; दोनों के गणना करने के तरीके अलग हैं।
२. क्या टेक्निकल एरर्स (जैसे 404 पेज) ठीक करने से SEO स्कोर बढ़ता है?
जी हाँ, 404 एरर्स और टूटे हुए लिंक्स को ठीक करने से सर्च इंजन क्रॉलर्स का काम आसान हो जाता है और यूजर एक्सपीरियंस सुधरता है। इससे आपकी साइट की ‘Health Score’ बढ़ती है और रैंकिंग में सुधार की संभावना बढ़ जाती है।
३. मोबाइल-फ्रेंडली वेबसाइट होने का SEO स्कोर में क्या योगदान है?
Google अब ‘Mobile-First Indexing’ का उपयोग करता है, जिसका मतलब है कि मोबाइल-फ्रेंडली होना अनिवार्य है। अगर आपकी साइट मोबाइल पर सही नहीं चलती, तो आपका SEO स्कोर और रैंकिंग काफी नीचे गिर सकती है।
४. क्या हाई SEO स्कोर का मतलब यह है कि मेरा कंटेंट ‘Helpful Content’ है?
जरूरी नहीं; SEO स्कोर मुख्य रूप से कीवर्ड्स और टेक्निकल सेटिंग्स पर आधारित होता है। ‘Helpful Content’ का अर्थ है कि वह पाठक की समस्या को हल करे, जो कि एक मानवीय अनुभव है और केवल टूल के स्कोर से तय नहीं होता।

